/भारत के दोनों स्वदेशी वैक्सीन के फेज-2 ट्रायल्स शुरू; नोवावैक्स के लिए सीरम इंस्टीट्यूट बनाएगा 2 अरब वैक्सीन डोज
भारत के दोनों स्वदेशी वैक्सीन के फेज-2 ट्रायल्स शुरू; नोवावैक्स के लिए सीरम इंस्टीट्यूट बनाएगा 2 अरब वैक्सीन डोज

भारत के दोनों स्वदेशी वैक्सीन के फेज-2 ट्रायल्स शुरू; नोवावैक्स के लिए सीरम इंस्टीट्यूट बनाएगा 2 अरब वैक्सीन डोज

भारत के दोनों स्वदेशी वैक्सीन के फेज-2 ट्रायल्स शुरू; नोवावैक्स के लिए सीरम इंस्टीट्यूट बनाएगा 2 अरब वैक्सीन डोज

पूरी दुनिया में कोरोनावायरस की दूसरी लहर ज्यादा भयावह तरीके से लोगों को शिकार बना रही है। न केवल दिन-ब-दिन केस बढ़ रहे हैं, बल्कि मरने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। इससे वैक्सीन के लिए रेस और भी तेज हो गई है। चीन और रूस के बाद अब यूएई ने भी वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। यह वैक्सीन चीनी कंपनी सिनोफार्म ने बनाई है। इस वैक्सीन के फेज-3 ट्रायल्स अब भी चल रहे हैं। इस बीच भारत के दोनों स्वदेशी वैक्सीन ने फेज-1 के ट्रायल्स पूरे कर लिए हैं। फेज-2 के लिए वॉलंटियर भी रिक्रूट कर लिए हैं। सीरम इंस्टीट्यूट को ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका के कोविड-19 वैक्सीन कोवीशील्ड के ट्रायल्स दोबारा शुरू करने की अनुमति मिल गई है।

कोवीशील्डः इंग्लैंड, भारत में ट्रायल्स दोबारा शुरू, अमेरिका में थमे

  • इंग्लैंड के बाद भारत ने भी ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका के वैक्सीन के रुके हुए ट्रायल्स को दोबारा शुरू करने की अनुमति दे दी है। भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसएसआई) इस वैक्सीन के फेज-2 और फेज-3 ट्रायल्स शुरू कर चुका है। वहीं, अमेरिका में ड्रग रेग्युलेटर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने अब तक फैसला नहीं लिया है। वहीं, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने ट्रायल्स रुकने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
  • इंग्लैंड में ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोवीशील्ड के फेज-2 और फेज-3 ट्रायल्स के दौरान एक महिला की तबियत ज्यादा खराब हो गई थी। इसके बाद भारत समेत दुनियाभर में उसके ट्रायल्स पर रोक लगा दी गई थी। स्वतंत्र एक्सपर्ट कमेटी और यूके के ड्रग रेग्युलेटर ने जांच के बाद ट्रायल्स दोबारा शुरू करने की अनुमति दे दी है। जिस महिला की तबीयत बिगड़ी थी, वह भी अब हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो चुकी है।

दोनों स्वदेशी वैक्सीन के फेज-1 ट्रायल्स सफल रहे

  • आईसीएमआर के डायरेक्टर जनरल डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि दोनों स्वदेशी वैक्सीन कैंडिडेट्स (भारत बायोटेक का कोवैक्सिन और जायडस कैडिला का कैंडिडेट) फेज-1 ट्रायल्स पूरे कर चुके हैं। अब तक दोनों ही सेफ और इफेक्टिव रहे हैं।
  • डॉ. भार्गव ने बताया कि जायडस कैडिला ने फेज-2 के लिए रिक्रूटमेंट पूरे कर लिए हैं। 28 दिन के अंतर से तीन डोज दिए जाएंगे। इसी तरह भारत बायोटेक के कोवैक्सिन के लिए भी फेज-2 के रिक्रूटमेंट हो गए हैं। इस फेज में वॉलेंटियर्स को दो डोज दिए जाएंगे।
  • डॉ. भार्गव का कहना है कि सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने फेज-2 ट्रायल्स पूरे कर लिए हैं। इसके लिए 100 वॉलंटियर्स को वैक्सीन डोज दिए गए हैं। सात दिन के गैप के बाद 14 साइट्स पर 1,500 वॉलंटियर्स पर फेज-3 ट्रायल्स शुरू होंगे।
  • रूसी वैक्सीन के फेज-3 ट्रायल्स भारत में कराने के मुद्दे पर रूसी सरकार, डिप्लोमैट्स और हाई-लेवल भारतीय एक्सपर्ट कमेटी के बीच बातचीत हो रही है। डॉ. भार्गव ने कहा कि इस संबंध में फिलहाल ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता। रूस ने भी वैक्सीन के फेज-3 ट्रायल्स शुरू कर दिए हैं।

नोवावैक्स अब भारत में बनवाएगा 2 अरब वैक्सीन डोज

  • अगस्त में अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स ने दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन प्रोड्यूसर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से कम से कम एक अरब वैक्सीन डोज बनाने की डील की थी। अब उसने इस डील को दोगुना करते हुए दो अरब वैक्सीन डोज का कर दिया है।
  • नए एग्रीमेंट के तहत सीरम इंस्टीट्यूट वैक्सीन के एंटीजन कम्पोनेंट NVX‑CoV2373 की मैन्युफैक्चरिंग भी करेगा। इससे जून 2021 तक दो अरब डोज का प्रोडक्शन संभव हो सकेगा। नोवावैक्स का वैक्सीन शुरुआती स्टेज में सेफ और इफेक्टिव रहा है। कंपनी ने फेज-3 ट्रायल्स अक्टूबर में शुरू करने वाली है।

ट्रम्प का दावा- एक महीने में उपलब्ध हो जाएगा वैक्सीन

  • अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि कोरोनावायरस वैक्सीन एक महीने के अंदर उपलब्ध हो सकता है। साथ ही यह भी कहा कि यह महामारी खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगी।
  • पेनसिल्वेनिया में वोटर्स से Q&A सेशन के दौरान ट्रम्प ने कहा कि हम वैक्सीन पाने के काफी करीब पहुंच गए हैं। कुछ ही हफ्तों में वैक्सीन हमारे पास होगा। इसमें चार हफ्ते भी लग सकते हैं और 8 हफ्ते भी।
  • डेमोक्रेट्स ने ट्रम्प के इन बयानों पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ट्रम्प इस तरह के वादे कर सरकारी हेल्थ रेग्युलेटर पर दबाव बना रहे हैं कि वह जल्द से जल्द कोरोनावायरस वैक्सीन को मंजूरी दें। इससे वे चुनावों में डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडेन के खिलाफ अपना पलड़ा मजबूत करना चाहते हैं।

रूसी वैक्सीन के डेटा से वैज्ञानिक संतुष्ट नहीं, मांगा और डेटा

  • रूसी वैक्सीन SPUTNIK V के शुरुआती ट्रायल्स के नतीजे मेडिकल जर्नल लैंसेट में छपने के बाद भी उसकी सेफ्टी पर विश्वास नहीं बैठा है। अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के एक ग्रुप ने स्टडी में प्रकाशित डेटा पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने संभावित खामियों की ओर ध्यान खींचा है।
  • 40 वैज्ञानिकों ने रूसी वैक्सीन के डेवलपर गामालेया इंस्टीट्यूट को ओपन लेटर लिखकर ओरिजिनल डेटा की मांग की है। लैंसेट में जो स्टडी प्रकाशित हुई है उसमें पूरा डेटा नहीं है। डेवलपर्स ने दावा किया है कि उनका वैक्सीन फेज-1 और फेज-2 में पूरी तरह सेफ और इफेक्टिव रहा है।

यूएई ने चीनी वैक्सीन को मंजूरी दी

  • यूएई दुनिया का तीसरा देश बन गया है जिसने कोरोनावायरस वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। उसने चीन की सरकारी कंपनी सिनोफार्म के वैक्सीन को मंजूरी दी है। यह कंपनी पिछले छह महीने से यूएई में वैक्सीन के ट्रायल्स कर रही थी।
  • सिनोफार्म के फेज-3 ट्रायल्स अभी खत्म नहीं हुए है। यूएई सरकार ने कहा कि यह वैक्सीन सबसे पहले डिफेंस हीरो को दी जाएगी जिन्हें इस वायरस का संक्रमण होने का सबसे ज्यादा खतरा है।
  • सिनोफार्म के इस कोविड-19 वैक्सीन को चीन ने फेज-3 ट्रायल्स शुरू होने से पहले ही 22 जुलाई को अप्रूवल दे दिया था। चीन ने दो अन्य वैक्सीन को भी मंजूरी दी है, लेकिन उनके फेज-3 ट्रायल्स अभी पूरे नहीं हुए हैं। इसी तरह रूस ने भी SPUTNIK V को फेज-3 ट्रायल्स के नतीजे आने से पहले ही मंजूरी दे दी है।

अब 44,000 लोगों पर वैक्सीन के ट्रायल्स करेगी फाइजर

  • कोविड-19 वैक्सीन की रेस में आगे चल रही कंपनियों में शामिल फाइजर ने कहा कि उसका वैक्सीन सेफ दिख रहा है और कंपनी को अगले महीने डेटा मिलने की उम्मीद है। फाइजर सीईओ अल्बर्ट बौरला ने कहा कि प्रक्रिया को खुला और पारदर्शी बनाने के लिए वे जल्दी से जल्दी और ज्यादा से ज्यादा सूचनाएं शेयर कर रहे हैं।
  • कंपनी ने कहा है कि अब उसने ट्रायल्स का दायरा 30 हजार से बढ़ाकर 44 हजार लोगों तक कर दिया है। इसमें 16 से 18 साल के टीनेजर को भी शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही एचआईवी, हेपेटाइटिस ए, बी या सी से पीड़ित मरीजों को भी एनरोल किया जाएगा।

डब्ल्यूएचओ वैक्सीन लैंडस्केप क्या कहता है…

  • 180 वैक्सीन इस समय पूरी दुनिया में विकसित हो रहे हैं।
  • 35 वैक्सीन क्लिनिकल ट्रायल्स से गुजर रहे हैं।
  • 9 वैक्सीन फेज-3 यानी अंतिम दौर के ट्रायल्स में हैं। इसमें भी चार वैक्सीन चीन में विकसित हो रहे हैं।
  • 145 वैक्सीन प्री-क्लिनिकल ट्रायल्स के फेज में हैं। यानी उनका अब तक लैब्स में ही इवैल्यूएशन चल रहा है।

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